विवादित डेरा सच्चा सौदा प्रबंधन समिति की चेयरपर्सन विपश्यना इंसान पर अब गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है. उस पर पुलिस को गुमराह करने और सूचनाएं छिपाने का आरोप है
पंचकूला हिंसा से जुड़ी 17 अगस्त की सिरसा बैठक की जांच कर रही पंचकूला एसआईटी की छानबीन में पता चला है कि वह भी इसमें मौजूद थी.
पुलिस ने हनीप्रीत इंसान, आदित्य इंसान सहित जिन 20 से ज्यादा लोगों के मोबाइल फोन की लोकेशन सिरसा मे ट्रेस की थी
उसमें विपश्यना इंसान का मोबाइल फोन भी शामिल था. हालांकि पुलिस ने सभी 20 लोगों की कॉल डिटेल्स का खुलासा नहीं किया है,
लेकिन हनीप्रीत, आदित्य और विपश्यना के मोबाइल की लोकेशन का खुलासा हो चुका है.
25 अगस्त को रेप केस में फैसला आने से पहले हनीप्रीत ने 17 अगस्त को सिरसा में एक बैठक बुलाई थी.
इसमें डेरा की गैंग से जुड़े सभी बड़े चेहरे शामिल थे.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में पंचकूला हिंसा का ब्लूप्रिंट तैयार किया गया था. इसी बैठक में यह फैसला लिया गया था कि यदि फैसला पक्ष में आया तो राम रहीम सत्संग करेगा.
यदि फैसला राम रहीम के खिलाफ गया तो पंचकूला में हिंसा फैलाई जाएगी. डेरा गैंग के खास लोगों की एक सूची तैयार की गई थी
उनको पंचकूला के कई स्थानों पर डेरा प्रेमियों की संख्या बढ़ाने, नियंत्रित करने और भड़काने का जिम्मा सौंपा गया था. जांच में सामने आया है
कि हनीप्रीत, आदित्य ने एक हफ्ता पहले पंचकूला की रेकी की थी.
विपश्यना: इधर कुआं और उधर खाई
पंचकूला हिंसा से जुड़े अहम सबूत हाथ न लगने के कारण अब पुलिस विपश्यना को सरकारी गवाह बनाना चाहती है
उसे सरकारी गवाह बनने से गिरफ्तारी के खतरे से तो निजात मिल सकती है
लेकिन ऐसा करके वह सीधे-सीधे डेरा की खूंखार गैंग के टारगेट पर आ सकती है. इस तरह विपश्यना इंसान के सामने अब एक तरफ कुआं है और दूसरी तरफ खाई है.
ताक में है जसमीत और सलवारा गुट
विपश्यना न तो गिरफ्तार होना चाहती है और न ही सरकारी गवाह बन कर डेरा की मुखालफत है. उधर डेरा पर काबिज होने के लिए तैयार बैठे जसमीत और गुरदास सलवारा की टीम को भी अंदेशा है
कि विपश्यना को गिरफ्तार हो सकती है. सिरसा में हुई बैठक में फैसला हुआ कि यदि विपश्यना गिरफ्तार हुई, तो तुरंत नई टीम डेरा का संचालन करेगी.
हनीप्रीत इंसान जैसी शातिर है विपश्यना
विपश्यना इंसान शराफत का लाख ढोंग करें लेकिन पुलिस जांच में अब उसकी पोल खुल चुकी है
सूत्रों की माने तो उसको डेरा की संपत्ति और खजाने की पूरी जानकारी है. जांच में सामने आया है की हनीप्रीत के निर्देश पर वह डेरा के सभी चेकों पर हस्ताक्षर करती थी
उसे 17 अगस्त की विवादित बैठक के बारे में पूरी जानकारी थी.
पुलिस के सामने दिया गोलमोल जवाब
इसके बाद भी 13 अक्टूबर को जब वह पंचकूला पुलिस के सामने पेश हुई थी तो उसने बैठक के बारे में गोलमोल जवाब दिया था.
बताया जा रहा है कि 25 अगस्त के दिन विपश्यना ने ही हनीप्रीत को डेरा पहुंचाने में मदद की थी
विपश्यना ने ही हनीप्रीत इंसान को रोहतक से सिरसा के लिए एक डेरा की गाड़ी का प्रबंध किया था.
ताले खोल गायब किए कैश-दस्तावेज
पुलिस सूत्रों के मुताबिक विपश्यना इंसान को मालूम था कि हनीप्रीत ने डेरा के बॉयोमेट्रिक ताले खोलकर वहां से नकदी,
जमीन के कागजात और बैंकों से जुड़े दस्तावेज गायब किए थे.
उसको अब तक कुल 5 बार पंचकूला और सिरसा एसआईटी के सामने पेश होने के लिए समन जारी किए गए थे, लेकिन वह सिर्फ दो बार ही पेश हो पाई है.
होगी मेडिकल सर्टिफिकेट की जांच
विपश्यना ने तीन बार बीमारी का बहाना बनाकर पुलिस से मोहलत मांगी थी
पुलिस को शक है कि विपश्यना ने पूछताछ से बचने के लिए तीन बार झूठे मेडिकल सर्टिफिकेट पेश किए थे, क्योंकि यह सभी सर्टिफिकेट सिरसा के डेरा अस्पताल द्वारा जारी किए गए थे.
पुलिस अब इन मेडिकल सर्टिफिकेट की जांच भी करवाने जा रही है.
सितंबर 15: विपश्यना डेरा से गायब हुई
सितंबर 18: विपश्यना सिरसा SIT के सामने पेश
अक्टूबर 10: पंचकूला SIT के सामने पेश नहीं हुई
अक्टूबर 12: पंचकूला SIT के सामने पेश नहीं हुई
अक्टूबर 13: पंचकूला SIT के सामने पेश
अक्टूबर 16: पंचकूला SIT के सामने पेश नहीं हुई
पंचकूला हिंसा से जुड़ी 17 अगस्त की सिरसा बैठक की जांच कर रही पंचकूला एसआईटी की छानबीन में पता चला है कि वह भी इसमें मौजूद थी.
पुलिस ने हनीप्रीत इंसान, आदित्य इंसान सहित जिन 20 से ज्यादा लोगों के मोबाइल फोन की लोकेशन सिरसा मे ट्रेस की थी
उसमें विपश्यना इंसान का मोबाइल फोन भी शामिल था. हालांकि पुलिस ने सभी 20 लोगों की कॉल डिटेल्स का खुलासा नहीं किया है,
लेकिन हनीप्रीत, आदित्य और विपश्यना के मोबाइल की लोकेशन का खुलासा हो चुका है.
25 अगस्त को रेप केस में फैसला आने से पहले हनीप्रीत ने 17 अगस्त को सिरसा में एक बैठक बुलाई थी.
इसमें डेरा की गैंग से जुड़े सभी बड़े चेहरे शामिल थे.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में पंचकूला हिंसा का ब्लूप्रिंट तैयार किया गया था. इसी बैठक में यह फैसला लिया गया था कि यदि फैसला पक्ष में आया तो राम रहीम सत्संग करेगा.
यदि फैसला राम रहीम के खिलाफ गया तो पंचकूला में हिंसा फैलाई जाएगी. डेरा गैंग के खास लोगों की एक सूची तैयार की गई थी
उनको पंचकूला के कई स्थानों पर डेरा प्रेमियों की संख्या बढ़ाने, नियंत्रित करने और भड़काने का जिम्मा सौंपा गया था. जांच में सामने आया है
कि हनीप्रीत, आदित्य ने एक हफ्ता पहले पंचकूला की रेकी की थी.
विपश्यना: इधर कुआं और उधर खाई
पंचकूला हिंसा से जुड़े अहम सबूत हाथ न लगने के कारण अब पुलिस विपश्यना को सरकारी गवाह बनाना चाहती है
उसे सरकारी गवाह बनने से गिरफ्तारी के खतरे से तो निजात मिल सकती है
लेकिन ऐसा करके वह सीधे-सीधे डेरा की खूंखार गैंग के टारगेट पर आ सकती है. इस तरह विपश्यना इंसान के सामने अब एक तरफ कुआं है और दूसरी तरफ खाई है.
ताक में है जसमीत और सलवारा गुट
विपश्यना न तो गिरफ्तार होना चाहती है और न ही सरकारी गवाह बन कर डेरा की मुखालफत है. उधर डेरा पर काबिज होने के लिए तैयार बैठे जसमीत और गुरदास सलवारा की टीम को भी अंदेशा है
कि विपश्यना को गिरफ्तार हो सकती है. सिरसा में हुई बैठक में फैसला हुआ कि यदि विपश्यना गिरफ्तार हुई, तो तुरंत नई टीम डेरा का संचालन करेगी.
हनीप्रीत इंसान जैसी शातिर है विपश्यना
विपश्यना इंसान शराफत का लाख ढोंग करें लेकिन पुलिस जांच में अब उसकी पोल खुल चुकी है
सूत्रों की माने तो उसको डेरा की संपत्ति और खजाने की पूरी जानकारी है. जांच में सामने आया है की हनीप्रीत के निर्देश पर वह डेरा के सभी चेकों पर हस्ताक्षर करती थी
उसे 17 अगस्त की विवादित बैठक के बारे में पूरी जानकारी थी.
पुलिस के सामने दिया गोलमोल जवाब
इसके बाद भी 13 अक्टूबर को जब वह पंचकूला पुलिस के सामने पेश हुई थी तो उसने बैठक के बारे में गोलमोल जवाब दिया था.
बताया जा रहा है कि 25 अगस्त के दिन विपश्यना ने ही हनीप्रीत को डेरा पहुंचाने में मदद की थी
विपश्यना ने ही हनीप्रीत इंसान को रोहतक से सिरसा के लिए एक डेरा की गाड़ी का प्रबंध किया था.
ताले खोल गायब किए कैश-दस्तावेज
पुलिस सूत्रों के मुताबिक विपश्यना इंसान को मालूम था कि हनीप्रीत ने डेरा के बॉयोमेट्रिक ताले खोलकर वहां से नकदी,
जमीन के कागजात और बैंकों से जुड़े दस्तावेज गायब किए थे.
उसको अब तक कुल 5 बार पंचकूला और सिरसा एसआईटी के सामने पेश होने के लिए समन जारी किए गए थे, लेकिन वह सिर्फ दो बार ही पेश हो पाई है.
होगी मेडिकल सर्टिफिकेट की जांच
विपश्यना ने तीन बार बीमारी का बहाना बनाकर पुलिस से मोहलत मांगी थी
पुलिस को शक है कि विपश्यना ने पूछताछ से बचने के लिए तीन बार झूठे मेडिकल सर्टिफिकेट पेश किए थे, क्योंकि यह सभी सर्टिफिकेट सिरसा के डेरा अस्पताल द्वारा जारी किए गए थे.
पुलिस अब इन मेडिकल सर्टिफिकेट की जांच भी करवाने जा रही है.
सितंबर 15: विपश्यना डेरा से गायब हुई
सितंबर 18: विपश्यना सिरसा SIT के सामने पेश
अक्टूबर 10: पंचकूला SIT के सामने पेश नहीं हुई
अक्टूबर 12: पंचकूला SIT के सामने पेश नहीं हुई
अक्टूबर 13: पंचकूला SIT के सामने पेश
अक्टूबर 16: पंचकूला SIT के सामने पेश नहीं हुई


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