सेक्स सीडी कांड में गिरफ्तार पत्रकार विनोद वर्मा इन दिनों रायपुर की जेल में बंद हैं.
लेकिन थाने में सीडी वायरल करने की धमकी देने की शिकायत करने वाले बीजेपी नेता प्रकाश बजाज गायब बताए जा रहे हैं.
वहां कहां, क्या कर रहे हैं, अभी तक सामने क्यों नहीं आए, इन सवालों पर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है.
दैनिक भास्कर की मानें तो सेक्स सीडी की शिकायत करने वाले बीजेपी नेता तो घर में हैं
और ही किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे हैं. इससे शहर में उन्हें लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं. कई तरह के मैसेज भी सोशल मीडिया में चल रहे हैं.
मोबाइल फोन पर भी वे किसी से संपर्क नहीं कर रहे हैं. बड़ा सवाल वो कहां हैं?
दूसरी ओर सेक्स सीडी सामने आने के बाद जिस महिला का नाम को उछाला जा रहा था, उन्होंने सामने आकर चर्चाओं को नकारा और पुलिस केस दर्ज करा दिया.,
उधर, इस केस में गिरफ्तार पत्रकार विनोद वर्मा को पुलिस की जांच में यकीन नहीं है. उन्होंने मांग की है कि पेन ड्राइव और लैपटॉप कोर्ट के सामने सील किए जाएं.
वकीलों के माध्यम से दी गई अर्जी में कहा गया है जिस क्लिपिंग को लेकर बवाल मचा है
वह पिछले एक साल से इंटरनेट पर है. उसकी सीडी बनाकर उन्हें फंसाया गया है. उनके घर पर कोई सीडी नहीं मिली है. उनके घर से पेन ड्राइव और लैपटॉप जब्त किया गया है.
विनोद पेशे से एक पत्रकार हैं, ऐसी बहुत खबरें और तथ्य आते रहते हैं.
इस वजह से वीडियो से लेकर कई तरह के दस्तावेज उनके पास रहते हैं.
छत्तीसगढ़ में हुई कई बड़ी घटनाओं से संबंधित सबूत उनके पास हैं, इसलिए उन्हें निशाना बनाया गया है. झूठे मुकदमे में फंसाया जा रहा है.
जेल में विनोद वर्मा को बड़ी गोल के बैरक नंबर-1 में सामान्य कैदियों के साथ रखा गया है.
लेकिन थाने में सीडी वायरल करने की धमकी देने की शिकायत करने वाले बीजेपी नेता प्रकाश बजाज गायब बताए जा रहे हैं.
वहां कहां, क्या कर रहे हैं, अभी तक सामने क्यों नहीं आए, इन सवालों पर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है.
दैनिक भास्कर की मानें तो सेक्स सीडी की शिकायत करने वाले बीजेपी नेता तो घर में हैं
और ही किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे हैं. इससे शहर में उन्हें लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं. कई तरह के मैसेज भी सोशल मीडिया में चल रहे हैं.
मोबाइल फोन पर भी वे किसी से संपर्क नहीं कर रहे हैं. बड़ा सवाल वो कहां हैं?
दूसरी ओर सेक्स सीडी सामने आने के बाद जिस महिला का नाम को उछाला जा रहा था, उन्होंने सामने आकर चर्चाओं को नकारा और पुलिस केस दर्ज करा दिया.,
उधर, इस केस में गिरफ्तार पत्रकार विनोद वर्मा को पुलिस की जांच में यकीन नहीं है. उन्होंने मांग की है कि पेन ड्राइव और लैपटॉप कोर्ट के सामने सील किए जाएं.
वकीलों के माध्यम से दी गई अर्जी में कहा गया है जिस क्लिपिंग को लेकर बवाल मचा है
वह पिछले एक साल से इंटरनेट पर है. उसकी सीडी बनाकर उन्हें फंसाया गया है. उनके घर पर कोई सीडी नहीं मिली है. उनके घर से पेन ड्राइव और लैपटॉप जब्त किया गया है.
विनोद पेशे से एक पत्रकार हैं, ऐसी बहुत खबरें और तथ्य आते रहते हैं.
इस वजह से वीडियो से लेकर कई तरह के दस्तावेज उनके पास रहते हैं.
छत्तीसगढ़ में हुई कई बड़ी घटनाओं से संबंधित सबूत उनके पास हैं, इसलिए उन्हें निशाना बनाया गया है. झूठे मुकदमे में फंसाया जा रहा है.
जेल में विनोद वर्मा को बड़ी गोल के बैरक नंबर-1 में सामान्य कैदियों के साथ रखा गया है.


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