SeeNewsToday: जुर्म

हिंदी मै दुनिया देश विदेश की ख़बर हमारे ऑनलाइन न्यूज़ मीडिया चैंनल पर

Breaking News

Showing posts with label जुर्म. Show all posts
Showing posts with label जुर्म. Show all posts

12 Apr 2018

उन्नाव केस का कच्चा चिट्ठा: 260 दिन बाद FIR, माननीय को बचाने का ऐसे चलता रहा खेल

April 12, 2018 0

उन्नाव गैंगरेप केस में आरोपी बीजेपी विधायक के खिलाफ 260 दिन बाद केस दर्ज होने के बाद यूपी सरकार ने सीबीआई जांच का फैसला किया है. इस केस की जांच अब सीबीआई के हवाले कर दी गई है. इससे पहले कल हुई एसआईटी जांच पर पुलिस, प्रशासन और अस्पताल स्तर पर बड़ी लापरवाही सामने आई है. लेकिन आरोपी विधायक की गिरफ्तारी के सवाल पर यूपी के डीजीपी ओपी सिंह कहा कहना है कि वह अभी सिर्फ आरोपी हैं. उनके गिरफ्तारी का फैसला सीबीआई करेगी.

इस केस के बारे में जानकारी के लिए यूपी के प्रधान सचिव गृह अरविंद कुमार और डीजीपी ओपी सिंह सामने आए. अरविंद कुमार ने कहा कि इस मामले की जांच के लिए एसआईटी बनाई गई थी, जिसमें एडीजी लखनऊ जोन शामिल थे. उन्होंने पीड़िता, उसकी मां और आरोपी विधायक पक्ष के बयान दर्ज किए. तीन स्तर पर जांच की गई है. पहली जांच एसआईटी, दूसरी डीआईजी जेल और तीसरी डीएम उन्नाव को सौंपी गई थी. इसमें कई स्तर पर लापरवाही सामने आई है.

डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि विधायक जी के खिलाफ दोष साबित नहीं हुआ है. उनके खिलाफ सिर्फ आरोप लगा है. पीड़िता की मां की तहरीर के आधार पर उन पर आईपीसी की धारा 363, 366, 376, 506 और पॉक्सो कानून के तहत केस दर्ज किया गया है. इस केस की जांच की सिफारिश सीबीआई से की गई है. इस मामले की जांच अब सीबीआई ही करेगी और विधायक को गिरफ्तार करना है या नहीं यह उसका फैसला होगा. डीजीपी ने आरोपी को 'माननीय विधायक' भी बोला है.

एसआईटी जांच में निम्नलिखित बातें सामने आई हैं...

4 जून 2017: पीड़िता को आरोप है कि इस दिन बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और उनके लोगों ने उसके साथ गैंगरेप किया.

11 जून 2017: पीड़िता अपने घर से गायब हो गई

12 जून 2017: उसकी मां ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पीड़िता को औरेया से बरामद किया. इसके बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया. जज के सामने धारा 164 के तहत उसका बयान दर्ज कराया गया.

1 अगस्त 2017: उन्नाव पुलिस ने इस मामले में कोर्ट में चार्जशीट फाइल कर दी. इसके बाद पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया.

30 जून 2017: पीड़िता के चाचा उसे लेकर दिल्ली गए. वहां पीड़िता ने अपनी चाची को इस घटना के बारे में बताया.

17 अगस्त 2017: उन्नाव वापस आकर पहली बार पीड़िता ने गैंगरेप से संबंधित तहरीर थाने में दी. पुलिस ने जांच के बाद जज के सामने धारा 164 के तहत उसका बयान दर्ज कराया. इस बयान में पीड़िता ने आरोपी विधायक का नाम नहीं लिया था.

3 अप्रैल 2018: पीड़िता के पिता से साथ मारपीट की गई. जेल में पेट दर्द की शिकायत और खून की उल्टियां करने के बाद उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी मौत हो गई. इसके बाद डीआईजी जेल लव कुमार और डीएम उन्नाव के इस मामले की जांच सौंपी गई.

इस मामले की जांच सीबीआई के हवाले

प्रधान सचिव गृह अरविंद कुमार ने बताया कि डीआईजी जेल और डीएम की जांच में पाया गया कि पीड़िता के पिता का इलाज ठीक से नहीं किया गया. जेल अस्पताल और जिला अस्पताल के डॉक्टरों की लापरवाही सामने आई. पीड़िता के पिता का मेडिकल भी ठीक से नहीं किया गया था. इस मामले त्वरित कार्रवाई करते हुए जिला अस्पताल के CMS सहित तीन अन्य डाक्टरों के खिलाफ विभागिय कार्रवाई की गई है. 4 जून और 3 अप्रैल की घटना के संबंध में केस दर्ज करते हुए सीबीआई को जांच दी गई है.

विधायक पर गैंगरेप-हत्या का आरोप

गैंगरेप पीड़िता का आरोप है कि उसके साथ 4 जून 2017 को बीजेपी विधायक कुलदीप सेंगर और उनके साथियों ने गैंगरेप था. उसने बीजेपी विधायक से रेप का विरोध किया, तो उसने परिवार वालों को मारने की धमकी दी. जब वो थाने में गई तो एफआईआर नहीं लिखी गई. इसके बाद तहरीर बदल दी गई. वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने लखनऊ गई. मुख्यमंत्री से आरोपी विधायक की शिकायत की थी. उन्होंने इंसाफ का भरोसा दिलाया था, लेकिन एक साल बाद भी इस केस में कोई कार्रवाई नहीं की गई.

पीड़िता के पिता की हुई बर्बर पिटाई

आरोप है कि बीजेपी विधायक के भाई और उसके साथियों ने केस वापस लेने के लिए पीड़िता के पिता पर दबाव बनाया. वह जब नहीं माने, तो तो विधायक के लोगों ने उनको बहुत मारा. उनको घसीटकर ले गए. पीटने के बाद उन्हें अपने घर के बाहर फेंक दिया. इसके बाद उन्हें जेल में बंद कर दिया गया. जेल में पीड़िता के पिता को पेट दर्द के साथ खून की उल्टियां हुईं. इस पर उसे तुरंत जिला अस्पताल के एमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया था. इलाज के दौरान तड़के लगभग तीन बजे उसकी मौत हो गई.

चार आरोपियों को किया गया गिरफ्तार

इधर, इंसाफ नहीं मिलने पर पीड़िता ने लखनऊ स्थित सीएम आवास पर आत्मदाह की कोशिश की, लेकिन उसे बचा लिया गया. इस मामले के तूल पकड़ते ही पुलिस और प्रशासन तेज हो गया. उन्नाव पुलिस अधीक्षक पुष्पांजलि के निर्देश पर इस मामले के चार नामजद अभियुक्तों सोनू, बउवा, विनीत और शैलू को गिरफ्तार कर लिया गया. वहीं, माखी के थाना प्रभारी अशोक कुमार समेत छह पुलिसकर्मियों को लापरवाही बरतने के आरोप में निलम्बित कर दिया गया. जांच के लिए एसआईटी गठित की गई.
Read More

11 Apr 2018

एक साथ जली 12 बच्चों की चिताएं, जिसने देखा उसकी रूह कांप उठी

April 11, 2018 0

हिमाचल के कांगड़ा जिले के नूरपुर में एक स्कूल बस के खाई में गिरने से 30 लोगों की मौत हो गई. मरने वालों में 27 बच्चे थे. इन सभी का अंतिम संस्कार कल हुआ


मरने वाले लोगों में सबसे ज्यादा 13 बच्चे खुवाड़ा से थे. जब इन बच्चों की अंतिम यात्रा निकली तो हर घर में मातम छा गया. लोगों ने अपनी दुकानें बंद रखी.


हर तरफ मायूसी छाई रही. हजारों की तादाद में लोग इस अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए पहुंचे.

मालूम हो कि खवाड़ा करीब 50 परिवारों का गांव है, लेकिन 12 शवों वाले इस गांव में बलोरियां और पठानिया दो अलग-अलग बस्तियों में 12 शवों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया.
इस गांव में रहने वाले 70 फीसदी लोग आसपास के नहीं हैं. दूर-दूर से जिसे भी इनका पता चला वे इस गांव में दौड़े चले आए.
नाले के एक तरफ चार और दूसरी तरफ तलहटी पर 8 अलग-अलग शवों को एक साथ ही मुखाग्नि दी गई. लोग वहां बिलख-बिलख कर रो रहे थे.

इतने सारे घरों के चिरागों के लिए रोते परिजनों को जिसने देखा, उसका कलेजा मुंह को आ गया. कुछ बच्चों के साथ उनकी स्कूल ड्रेस भी लोगों ने चिता पर रखी
Read More

10 Jan 2018

दिल्ली एयरपोर्ट से लश्कर का आतंकी बिलाल अहमद गिरफ्तार, लाल किला पर हमले का है आरोपी.....

January 10, 2018 0
http://www.seenewstoday.com/

लाल किले पर साल 2000 में हुए हमले के मामले में फरार चल रहे एक कथित आतंकी को एयरपोर्ट से स्पेशल सेल की टीम ने पकड़ा है। इसके बारे में गुजरात एटीएस की तरफ से स्पेशल सेल को जानकारी दी गई थी। लोधी कॉलोनी स्थित स्पेशल सेल के दफ्तर में आरोपी बिलाल अहमद काहवा से पुलिस पूछताछ कर रही है। उसकी भूमिका को लेकर पुलिस टीम जानकारी जुटा रही है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार 22 दिसम्बर 2000 को लाल किले पर कुछ आतंकियों ने हमला किया था। आतंकियों ने वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों पर अंधाधुध गोलियां चलाई थी। इस हमले में तीन सुरक्षाकमिर्यों की मौत हो गई थी। इस बाबत कोतवाली थाने में मामला दर्ज किया गया था। घटना के कुछ समय बाद ही आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैय्यबा ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी। 
इस मामले में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए 11 लोगों को सेशन कोर्ट ने सजा सुनाई है।  इस मामले की छानबीन के दौरान यह पता चला था कि हवाला के जरिये विभिन्न बैंक खातों में 29.50 लाख रुपये भेजे गए हैं। इनमें से एक बैंक खाता बिलाल अहमद कावा नामक व्यक्ति का भी था। यह रकम मुख्य साजिशकर्ता मो. आरिफ उर्फ अशफाक ने बैंक खातों में भेजी थी।
 
इस रकम का इस्तेमाल हमले के लिए साधन जुटाने में किया गया था।  इस हमले के बाद से बिलाल फरार चल रहा था। वह कश्मीर में छिपकर रह रहा था। गुजरात एटीएस को सूचना मिली थी कि बिलाल श्रीनगर से दिल्ली आ रहा है। उन्होंने यह जानकारी स्पेशल सेल के साथ सांझा की। जिसके बाद दोनों टीमों ने मिलकर एयरपोर्ट पर आते ही बिलाल को पकड़ लिया। इस मामले के मुख्य साजिशकर्ता मो. आरिफ को दिल्ली हाईकोर्ट फांसी की सजा सुना चुकी है।
Read More

Subscribe