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13 Jan 2018

Makar Sankranti: इस बार माघ में बन रहे हैं ये 7 महासंयोग

January 13, 2018 0

हिंदू धर्मं में माघ महीना पवित्र माना जाता है. इस महीने स्नान, ध्यान और दान का बहुत महत्व है. पूजा उपासना से बहुत लाभ होता है. माघ का महीना भारतीय संवत्सर के हिसाब से 11वां चंद्र मास और दसवां सौर मास है. हिंदू पंचाग को अगर अंग्रेजी कैलेंडर के मुताबिक़ देखें तो इस बार 2 जनवरी से 31 जनवरी तक कि अवधि माघ महीना की है. मान्यता है कि माघ में गंगा या नदियों में स्नान से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है. दान करने से तमाम पापों का नाश होता है. जनवरी में पुण्य स्नान के ऐसे ही सात महासंयोग बन रहे हैं.

आइए जानते हैं माघ में पड़ने वाले 7 शुभ संकेतों के बारे में...

शुक्रवार, 12 जनवरी- षटतिला एकादशी : इस दिन तिल के जल से स्नान, तिल का हवन, तिल का उबटन और तिल के पानी को पीने का विशेष महत्व है. तिल का दान करने का भी काफी अच्छा फल मिलता है. माना जाता है कि इससे सभी पापों का नाश होता है.

रविवार, 14 जनवरी, मकर संक्रांति: इस बार 14 जनवरी को मकर संक्रांति मनाने पर कुछ ज्योतिषीय मतभेद हैं. कुछ इलाकों में इस बार 15 जनवरी को भी मकर संक्रांति मनाई जा सकती है. मकर संक्रांति को पवित्र स्नान के बाद तिल का दान करना चाहिए. खाने में तिल से बने पकवान का इस्तेमाल करना चाहिए.

मंगलवार, 16 जनवरी, मगही अमावस्या: इसे कृष्ण पक्ष की मौनी अमावस्या भी कहते हैं. ये तिथि अत्यंत पवित्र होती है. इसे पितरों के तर्पण का दिन माना जाता है. इस दिन त्रिवेणी संगम या गंगा में स्नान करने की परंपरा है. स्नान के बाद तिल के लड्डू, तिल का टेल, आंवला और कपड़ों का दान करना चाहिए.

सोमवार, 22 जनवरी, बसंत पंचमी : इस दिन विद्या की देवी सरस्वती की पूजा की जाती है. इस दिन केसरिया चावल के भोग लगाने का विशेष फल मिलता है.

बुधवार, 24 जनवरी, अचला सप्तमी: इस दिन सूर्य देवता को जल चढ़ाकर विशेष पूजा की मान्यता है. भगवान कृष्ण ने भी युधिष्ठिर को अचला सप्तमी का महत्व बताया था. मान्यता है कि इस तिथि पर स्नान, ध्यान, पितरों के तर्पण और सूर्य पूजा से पितरों को बैकुंठ मिलता है. इस दिन व्रत रखने से सालभर रविवार को रखे जाने वाले व्रतों के बराबर का पुण्य मिलता है.

शनिवार, 27 जनवरी जाया एकादशी : इसे भीष्म एकादशी भी कहते हैं. इस दिन सूर्यास्त के समय तुलसी के पास दीपक जलाना चाहिए और भगवान् विष्णु-लक्ष्मी की पूजा करणी चाहिए. इस दिन स्नान, ध्यान और पूजा से सारे पाप कट जाते हैं.

बुधवार, 31 जनवरी, माघी पूर्णिमा : इस दिन पूर्णिमा है और चंद्र ग्रहण भी रहेगा. इस दिन पवित्र नदी में स्नान करके गरीबों को दान करने का बेहद सुंदर फल मिलता है. माघी पूर्णिमा का महत्व सबसे ज्यादा माना गया है. माना जाता है कि इस दिन चन्द्रमा अमृत की वर्षा करते हैं. इस दिन स्नान दान करने से सूर्य और चन्द्रमा से जुड़े सारे दोषों से मुक्ति मिल जाती है.
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6 Dec 2017

क्या होता है नज़र लगना? क्या है इससे बचने के उपाय

December 06, 2017 0


दुनिया में तीन तरह की ऊर्जा काम करती है- सकारात्मक , नकारात्मक और उदासीन. यह ऊर्जा हमारी सोच , व्यवहार , आदत और शब्दों से बनती है.  हमारे अपने शरीर और घर में आम तौर पर सकारात्मक ऊर्जा होती है. जब किसी के सोच , स्वभाव और सम्पर्क से हमारे ऊपर नकारात्मक असर पड़ जाता है तो इसे हम नज़र लगना कहते हैं. नज़र लगने से हमारे स्वास्थ्य , सोच और प्रगति पर कुछ क्षण के लिए रुकावट आ जाती है. यह रुकावट काफी तेज होती है और एकदम से बिना कारण सब रोक देती है. 

क्या होता है प्रभाव जब घर में नज़र दोष की समस्या हो?

- घर में नज़र दोष होने पर बिना कारण घर भारी लगता है
- घर के लोगों में आपसी कलह और क्लेश बढ़ता जाता है
- घर में बीमारियों में धन खर्च होता जाता है
- आम तौर पर बार बार रोजगार में उतार चढ़ाव हो सकता है

उपाय

- घर में बिना कारण कूड़ा कबाड़ न रक्खें
- घर के पूजा स्थान पर रोज शाम को दीपक जरूर जलाएं
- नित्य प्रातः और सायं घर में गुग्गल या चन्दन की अगरबत्तियां जलाएं
- घर के हर कमरे के दरवाजे पर ऊपर लाल रंग का स्वस्तिक लगाएं
- सप्ताह में एक बार घर में कीर्तन , भजन या कोई धार्मिक पाठ करें

क्या होता है प्रभाव जब काम या रोजगार में नज़र दोष की समस्या हो

- रोजगार पर नज़र दोष के कारण , नौकरी बार बार लगती छूटती है
- काफी लम्बे समय तक नौकरी के बिना रहना पड़ता है
- कारोबार पर नज़र दोष के कारण , काम एकदम से ठप हो जाता है
- बिना कारण के ऐसा लगने लगता है कि व्यवसाय बंद हो जाएगा
- कारोबार में लगाया हुआ धन फंस जाता है

उपाय

नौकरी के लिए

- एक लोहे का छल्ला बाएं हाथ की मध्यमा अंगुली में धारण करें
- रोज सुबह घर से निकलते समय गुड़ खाकर निकलें
- जहाँ तक हो सके अपने काम करने की मेज को बिलकुल साफ़ सुथरा रखें.

कारोबार के लिए

- अपने कारोबार के स्थान पर एक लाल रंग के हनुमान जी की स्थापना करें
- नित्य प्रातः उन्हें लाल फूल अर्पित करें और गुलाब की धूप बत्ती जलाएं
- अपने कारोबार के स्थान पर नित्य प्रातः शंख में जल भरकर छिड़काव करें

अगर किसी व्यक्ति को नज़र लग गयी हो तो उसके किस तरह के प्रभाव होते हैं ?

- बिना कारण के व्यक्ति बीमार हो जाता है
- कारण और निवारण दोनों समझ नहीं आते
- व्यक्ति का मन बिना कारण के अशांत और ख़राब हो जाता है
- कभी कभी व्यक्ति अपने रिश्तों और चीज़ों को खुद ख़राब करने लगता है

उपाय

- जब भी ऐसा हो जाए , अपने थोड़े से बाल काट लें या दाढ़ी बना लें
- इसके बाद केवड़ा जल डालकर स्नान कर लें
- लाल मिर्च के एकाध बीज चबा लें
- नज़र दोष से हमेशा बचे रहने के लिए चन्दन की सुगंध का प्रयोग करें
- और घर से बाहर निकलते समय गुड़ खाकर जाएँ  


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धर्म: रामचरितमानस में छिपी है शिव की कृपा

December 06, 2017 0

एक महाकाव्य....जिसमें भगवान राम के जीवन की छोटी से छोटी गाथा भी शामिल है. आज हम दैवीय शक्तियों वाले उसी रामचरितमानस के... मंगलकारी दोहों के बारे में आपको बताएंगे....रामचरितमानस के दोहों को क्यों कहा गया है शिव की शक्तियों वाला काव्य....क्या है रामचरितमानस और शिव का संबंध...आज हम आपको रामचरितमानस से जुड़ी ये सारी बातें बताएंगे.

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5 Dec 2017

मूलांक से जानिए, आपकी लव मैरिज होगी या अरेंज?

December 05, 2017 0


अगर आपके मन में अपनी शादी को लेकर उत्सुकता रहती है और आप जानना चाहते हैं कि आप किस तरह का विवाह करेंगे तो अंक ज्योतिष से मदद मिल सकती है. अंक ज्योतिष में आपके जन्म की तारीख के अंको को जोड़कर मूलांक निकालते है, जैसे किसी का जन्म किसी भी महीने की 24 तारीख को हुआ है तो 2+4=6, या 28 को हुआ है तो 2+8=10, 1+0=1, इसका मतलब 24 तारीख को जन्म लेने वाले का मूलांक 6 और 28 तारीख को जन्म लेने वाले लोगो का मूलांक 1 होगा. तो चलिए आप भी जान लीजिये कि अंक ज्योतिष के अनुसार आपकी लव मैरिज होगी या अरैंज मैरिज…

मूलांक 1 : यह अंक सूर्य का प्रतीक है. अक्सर शर्मीले स्वभाव के होते हैं. कभी अपने प्यार की पहल नहीं कर पाते. आपका प्रेम-विवाह होना मुश्किल है.

मूलांक 2 : जिन लोगों का मूलांक 2 होता है ये काफी सोच समझ कर ही प्यार पर विश्वास करते हैं और अपने प्रेम सम्बन्ध में ही विवाह करने की कोशिश करते है. अंक 2 चन्द्रमा का प्रतीक है. आपके लव मैरिज करने की संभावना ज्यादा है.

मूलांक 3: अगर मूलांक 3 हो तो ये गुरु का प्रतीक है और इस अंक वाले लोग भी लव मैरिज में सफल होते हैं.

मूलांक 4: ये अंक राहु का प्रतीक है, इस अंक वाले लोग एक से अधिक प्रेम संबंध बनाते हैं और इसलिए यह प्रेम के प्रति गंभीर नहीं होते. विवाह पसंद से करते हैं लेकिन विवाह के कुछ समय उपरांत फ्लर्ट भी करते हैं.

मूलांक 5: यह अंक बुध का प्रतीक है,ऐसे लोग पारंपरिक रिश्तों को निभाने में यकीन रखते हैं. यह लोग परिवार की सहमति से ही विवाह करते हैं. अगर पसंद से शादी करें तब भी परिवार को राजी भी करते हैं.

मूलांक 6: जिन लोगों का मूलांक 6 होता है यह अक्सर प्रेम विवाह में सफलता पाते हैं पर एक से ज्यादा प्रेम संबंधों के चलते सही इंसान को खो देते हैं

यह अंक शुक्र का प्रतीक है.

मूलांक 7: इस मूलांक के लोग काफी संकोची किस्म के होते हैं इसलिए प्रेम विवाह में दिलचस्पी होने के बाद भी उसका समर्थन नहीं कर पाते, यह अंक केतु का प्रतीक है. चाहे लव मैरिज हो या अरेंज यह जीवनसाथी से सच्चा प्रेम करते हैं.

मूलांक 8: यह अंक शनि का प्रतीक है. इस अंक वाले लोग बहुत कम ही प्रेम संबंधों में पड़ते हैं पर अगर इन्होंने तय कर लिया तो प्रेम विवाह में सफलता जरूर मिलती है.

मूलांक 9: इस अंक वाले लोग प्रेम के मामले में विवादस्पद रुख की वजह से प्रेम विवाह से कतराते हैं और अरेंज मैरिज के प्रति इनका झुकाव ज्यादा होता है, यह अंक मंगल का प्रतीक माना जाता है.


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मंगलवार के दिन करें ये उपाय, बदल जाएगा भाग्य

December 05, 2017 0


वैदिक ग्रंथों में मंगल का दिन सबसे शुभ और कल्याणकारी माना गया है.  इसी दिन भक्तराज हनुमान अपने भक्तों की सुध लेते हैं. अगर आपको लग रहा है कि सफलता हाथ लगते-लगते चूक जाती है और कहीं भी कामयाबी हासिल नहीं हो रही है, तो मंगलवार को कुछ उपाय करें. आपको निश्च‍ित तौर पर लाभ मिलेगा और बंद किस्मत का ताला खुल जाएगा.

मंगलवार के दिन तांत्रिक हनुमान यंत्र की स्थापना करने का बड़ा महत्व है. मंगलवार को अपने पूजन स्थान पर करें तांत्रिक हनुमान यंत्र की स्थापना करें और हर दिन इस यंत्र की पूजा करें. जल्दी ही आपको इसका फल भी मिलने लगेगा.

मंगलवार के दिन शाम के समय किसी हनुमान मंदिर में जाएं और एक सरसों के तेल का और एक शुद्ध घी का दीपक जलाएं. इसके बाद वहीं बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ करें. हनुमानजी की कृपा पाने का ये एक अचूक उपाय है.

मंगलवार के दिन सुबह स्नान आदि करने के बाद किसी पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दिया जलाएं. इसके बाद पूर्व दिशा की ओर मुख करके तुलसी की माला से राम नाम का जप करें. कम से कम 11 माला जप अवश्य करें.

किसी भी मंगलवार को शाम के समय हनुमानजी को केवड़े का इत्र व गुलाब की माला चढ़ाएं. हनुमानजी को प्रसन्न करने का ये बहुत ही अचूक उपाय है. इस उपाय से हर मनोकामना पूरी हो जाती है.

मंगलवार को पास ही स्थित हनुमानजी के किसी मंदिर में जाएं और उन्हें उन्हें सिंदूर व चमेली का तेल अर्पित करें और अपनी मनोकामना कहें. इससे हनुमानजी प्रसन्न होते हैं और भक्त की हर मनोकामना पूरी कर देते हैं.

मंगलवार के दिन सुबह स्नान करने के बाद बड़ के पेड़ का एक पत्ता तोड़ें और इसे साफ स्वच्छ पानी से धो लें. अब इस पत्ते को कुछ देर हनुमानजी के सामने रखें और इसके बाद इस पर केसर से श्रीराम लिखें. अब इस पत्ते को अपने पर्स में रख लें. साल भर आपका पर्स पैसों से भरा रहेगा.

अगर आप शनि दोष से पीडि़त हैं तो इस दिन काली उड़द व कोयले की एक पोटली बनाएं. इसमें एक रुपए का सिक्का रखें. इसके बाद इस पोटली को अपने ऊपर से उसार कर किसी नदी में प्रवाहित कर दें और फिर किसी हनुमान मंदिर में जाकर राम नाम का जप करें इससे शनि दोष का प्रभाव कम हो जाएगा.
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25 Oct 2017

34 साल बन रहा है छठ 2017 महासंयोग, जानें कितना होगा शुभ?

October 25, 2017 0

चार दिनों का छठ पर्व सबसे कठिन व्रत होता है. इसलिए इसे छठ महापर्व कहा जाता है. इस व्रत को महिलाएं और पुरुष दोनों कर सकते हैं. इसमें सूर्य की पूजा की जाती है. छठ पूजा के तीसरे और चौथे दिन निर्जला व्रत रखकर सूर्य पूजा करनी होती है.
साथ ही सूर्य की बहन छठी मईया की पूजा होती है. छठी मईया बच्चों को दीर्घायु बनाती हैं.
घर के एक दो बड़े सदस्य ही व्रत पूजा का पालन करते हैं , जो यह कठिन व्रत रख सकते हैं.
ज्यादातर घर की बुजुर्ग माता या दादी छठ करती हैं. घर की कोई एक दो वृद्ध मुखिया स्त्री, पुरुष बहु आदि ही छठ के कठिन व्रत पूजा का पालन करते हैं.
घर के बाकी सदस्य उनकी सहायता करते हैं. बाकी लोग छठी मैया के गीत भजन गाते हैं.
34 साल बाद बन रहा है महासंयोग...
छठ महापर्व मंगलवार 24 अक्टूबर से शुरू हो रहा है. पहले दिन मंगलवार की गणेश चतुर्थी है. गणेश जी हर काम मंगल ही मंगल करेंगे.
पहले दिन सूर्य का रवियोग भी है. ऐसा महासंयोग 34 साल बाद बन रहा है. रवियोग में छठ की विधि विधान शुरू करने से सूर्य हर कठिन मनोकामना भी पूरी करते हैं.
चाहे कुंडली में कितनी भी बुरी दशा चल रही हो, चाहे शनि राहु कितना भी भारी क्यों ना हों, सूर्य के पूजन से सभी परेशानियों का नाश हो जाएगा.
ऐसे महासंयोग में यदि सूर्य को अर्घ्य देने के साथ हवन किया जाए तो आयु बढ़ती है.
पहले दिन नहाय--खाय में क्या करते है...
सुबह नदी या तालाब कुआं या चापा कल में नहा कर शुद्ध साफ वस्त्र पहनते हैं.
छठ करने वाली व्रती महिला या पुरुष चने की दाल और लौकी शुद्ध घी में सब्जी बनाती है. उसमें सेंधा शुद्ध नमक ही डालते है.
बासमती शुद्ध अरवा चावल बनाते हैं. गणेश जी और सूर्य को भोग लगाकर व्रती सेवन करती है.
घर के सभी सदस्य भी यही खाते हैं. घर के सदस्य को मांस मदिरा का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए.
रात को भी घर के सदस्य पूड़ी सब्जी खाकर सो जाते है. अगले दिन खरना मनाया जाएगा.

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जानिए, राधे मां की जिंदगी की अनसुनी दास्तान?

October 25, 2017 0
राधे मां कहीं बाद में पहुंचती हैं, विवाद उससे पहले पहुंच जाते हैं. आखिर क्यों है राधे मां ऐसी? क्यों राधे मां पर दहेज के लिए लड़की को सताने से लेकर अश्लीलता फैलाने और फर्जी संत होने तक के इल्जाम लग चुके हैं? क्यों राधे मां को अक्सर ये लगता है कि वो अगर जहर खाकर कर अपनी जान ही दे देती, तो अच्छा होता?
हर आरोप पर चुप्पी
उस पर पाखंडी होने के इल्ज़ाम लगे, वो चुप रही. लोगों ने उसे ठग कहा, वो कुछ नहीं बोली. घर तुड़वाने की तोहमत लगी, तब भी उसके लब खामोश थे. मगर अब सुनिए सबसे पहले सिर्फ आजतक पर राधे मां का दर्द और उसकी आप-बीती. उसकी ज़िंदगी के हर पहलू.. हर राज़.. ससुराल से लेकर मायके तक.. दिल्ली लेकर मुंबई तक.. जानिए बब्बो से लेकर भगवान बनने तक की पूरी कहानी.

आजतक को बताई मन की बात
राधे मां जब आजतक के कैमरे पर आई तो उसने कहा 'मैं नहीं हूं दुर्गा का अवतार. मेरा त्रिशूल मेरा धर्म है. मैं इंसानियत को मानती हूं. नहीं बदलूंगी अपना स्टाइल. जो फर्ज़ी कहेगा, वो भुगतेगा. मेरी कोई गुप्त गुफा नहीं है. मैं ज़हर खाना चाहती थी. मेरे ऊपर लगे आरोप झूठे हैं.'
लेकिन राधे मां से आजतक की बातचीत की ये तो सिर्फ शुरूआत भर थी. आजतक के कैमरे के सामने राधे मां ने अपने सारे राज़ खोल दिए. कभी वो हंसी. कभी रोई. कभी बेबस सी खामोश हुई और आख़िर में नाराज़ होकर भाग गई.
विवादों से पुराना नाता
दरअसल, पिछले चंद सालों में राधे मां का नाम इतने सारे विवादों से जुड़ा कि गिननेवाले भी थक जाएं. राधे मां के इन विवादों में अश्लीलता फैलाने से लेकर, दहेज के लिए सताने, खुदकुशी के लिए उकसाने के साथ-साथ अपने गुरु के क़त्ल का विवाद भी शामिल है. ये और बात है कि राधे मां इन तमाम विवादों के लिए खुद से जलने वालों को ज़िम्मेदार मानती है.
पल पल रंग बदलती राधे मां
वो कभी भजन-कीर्तन करने वाली देवी बन जाती है, तो कभी फ़ैशन की दुनिया में धमाल मचाने वाली बेबी. मगर राधे मां की शख्सियत के सिर्फ़ यही दो पहलू नहीं है. बल्कि राधे मां तो और भी बहुत कुछ ऐसा कर करती हैं, जो कोई और लड़की करने की सोच भी नहीं सकती. और तभी राधे मां को लेकर एक विवाद ख़त्म होता नहीं कि दूसरा शुरू हो जाता है. और राधे मां के इन विवादों और राधे मां पर लगने वाले इन इल्ज़ामों मामूली और छोटे-मोटे आरोपों से लेकर ऐसे-ऐसे संगीन गुनाहों तक के इल्ज़ाम शामिल हैं कि सुन कर यकीन करना भी मुश्किल हो जाए.
दहेज उत्पीड़न का आरोप
राधे मां पर ये आरोप भी किसी ग़ैर ने नहीं, बल्कि राधे मां को चाहने वाले एक परिवार की बहू ने ही लगाए थे. इस लड़की ने राधे मां के खिलाफ़ मुंबई के कांदीवली थान में एक रिपोर्ट लिखवाई थी. लड़की ने बताया था कि राधे मां ने लड़के वालों को 25 लाख रुपए दहेज मांगने के लिए उकसाया. शादी में आऩे के लिए हेलीकॉप्टर और महंगी कार की मांग की और हेलीकॉप्टर की मांग पूरी नहीं होने पर शादी के बाद उस पर ज़ुल्मो-सितम का सिलसिला शुरू हो गया. इस मामले में पुलिस ने राधे मां से पूछताछ भी की और उन्हें हाजिरी देने थाना भी जाना पड़ा था.
यौन उत्पीड़न का आरोप
कभी उनकी भक्त रहीं फिल्म और टीवी एक्ट्रेस डॉली बिंद्रा ने भी राधे मां पर संगीन आरोप लगाए थे. डॉली बिंद्रा ने कहा था कि राधे मां के दरबार में उसका यौन शोषण किया गया. डॉली ने राधे मां के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी और पुलिस ने राधे मां पर अश्लीलता फैलाने के आरोप में भी केस दर्ज किया था.
अपने ही गुरु का मर्डर
यही नहीं, राधे मां पर अपने गुरु महंत रामाधीन दास परमहंस की हत्या की साजिश का आरोप भी लगा. आरोप भी किसी और ने नहीं बल्कि उनके गुरु भाई महंत श्याम सुंदर दास ने आरोप लगाए थे. कांगड़ा के आश्रम में रहने वाले श्याम सुंदर दास ने कहा था कि राधे मां ने ये साज़िश दरअसल, गुरुजी की दौलत हासिल करने के लिए रची थी.
महामंडलेश्वर से फ़र्ज़ी संत तक
राधे मां को लेकर उठने वाले विवादों के सिलसिले में साल 2012 में तब एक और विवाद और जुड़ गया था, जब संतों के जूना अखाड़े ने आनन-फानन में उन्हें महामंडलेश्वर की पदवी दे डाली थी. बवाल बढ़ा तो ये उपाधि वापस ले ली गई. आरोप लगा कि महामंडलेश्वर की उपाधि हासिल करने के लिए राधे मां ने भारी रकम देने की भी पेशकश की थी. लेकिन अब तो बात और बढ़ गई है. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने राधे मां को फ़र्ज़ी संत करार दिया है.
तंत्र-मंत्र और काला जादू
राधे मां पर तंत्र-मंत्र और काले जादू के जरिए कई लोगों को ठगने औऱ परेशान करने के आरोप भी लगे. बताया जाता है कि अपने आपको देवी का अवतार कहने वाली राधे मां जादू-टोना और तंत्र-मंत्र में भी माहिर हैं. राधे मां पर एक इल्जाम ये भी लगा कि काले जादू और तंत्र मंत्र के जरिए उसने लोगों को फंसाया और सुसाइड तक के लिए उकसाया था.
खुदकुशी के लिए उकसाने का आरोप
राधे मां पर गुजरात के कच्छ में एक परिवार के 5 लोगों को खुदकुशी के लिए उकसाने का इल्जाम भी लगा था. कहा जा रहा है कि खुदकुशी करने वाले परिवार के लोगों ने राधे मां को इस भरोसे में अपनी सारी जायदाद दान कर दी कि उनकी जिंदगी में खुशहाली आएगी. लेकिन ऐसा कुछ हुआ नहीं, तो हताशा में उन लोगों ने खुदकुशी कर ली. हालांकि राधे मां शुरू से काले जादू और तंत्र मंत्र के आरोपों से इनकार करती हैं. लेकिन सच यही है कि राधे मां को लेकर विवादों और इल्ज़ामों की कोई कमी नहीं.
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19 Oct 2017

SHUBH DEEPAWALI मां लक्ष्मी का पूजन, जाने शुभ समय

October 19, 2017 0

महालक्ष्मी इस बार व्यापार जगत पर विशेष कृपा बरसाएंगी। व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर दिवाली पूजन के कई मुहूर्त हैं। घरों पर दिवाली के पूजन का मुहूर्त बृहस्पतिवार को सायं 7.09 बजे से 9 बजे के बीच है। व्यापारियों, नेताओं, छात्रों, कलाकारों, सीए वर्ग के लिए दिवाली अधिक ही मंगलकारी होगी। यही संकेत महालक्ष्मी अपने आगमन के साथ दे रही हैं।  जिन घरों में सवेरे हनुमान जी का रोठ चढ़ता है, वे  साढ़े आठ बजे से 11 बजे तक कर सकते हैं।




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