SeeNewsToday: हैल्थ

हिंदी मै दुनिया देश विदेश की ख़बर हमारे ऑनलाइन न्यूज़ मीडिया चैंनल पर

Breaking News

Showing posts with label हैल्थ. Show all posts
Showing posts with label हैल्थ. Show all posts

6 Dec 2017

दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर फिर से बढ़ा

December 06, 2017 0

केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर कलबढ़ गया और यह पिछले महीने धुंध के ठीक बाद दर्ज किए गए स्तर पर वापस पहुंच गया.\

केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर कलबढ़ गया और यह पिछले महीने धुंध के ठीक बाद दर्ज किए गए स्तर पर वापस पहुंच गया.

हवा में तैरने वाले सूक्ष्म कण (पीएम 10) दिन में बढ़ कर 412 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर पहुंच गये. वहीं, पीएम 2.5 (सूक्ष्म कण) दिन में 200 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से अधिक रहा.

पिछली बार 14 नवंबर को पीएम 10 इतना अधिक दर्ज किया गया था, जब दिल्ली प्रदूषण के हफ्ते भर के आपात स्तर से बाहर निकली थी.

हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों ने जोर देते हुए कहा है कि शहर में निकट भविष्य में धुंध की वह स्थिति लौटने की संभावना नहीं है.
Read More

सर्दी के मौसम में एलर्जी से ऐसे रहें दूर..

December 06, 2017 0

सर्दियों के दौरान मौसम में अचानक बदलाव होने से सर्दी, जुकाम से परेशान और त्वचा पर चकत्ते से पीड़ित रोगियों की संख्या बढ़ जाती है. साथ ही मौसम में एलर्जी के मामले भी अधिक देखने को मिलते हैं. कुछ लोगों को सांस लेने की समस्या और शरीर में खुजली की समस्या का भी सामना करना पड़ता है.

इंडस हेल्थ प्लस में प्रिवेन्टिव हेल्थकेयर स्पेशलिस्ट सुश्री कंचन नायकवाड़ी कहती हैं कि सर्दियों में लोग घरों के अंदर इनडोर एलर्जी के शिकार हो जाते हैं, जैसे धूल कण, सूक्ष्म जीवाणु और फफूंदी से जुड़ी एलर्जी क्योंकि इस मौसम में वे ज्यादा समय घरों में रहते हैं.

फफूंदी और घरों की गंदगी अस्थमा रोग बढ़ाती हैं. इससे खांसी, गले में घरघराहट और सांस लेने में तकलीफ होती है. शहरों में प्रदूषण के बढ़े स्तर को भी देखा गया है. इस तरह की एलर्जी को रोकने के लिए घर और आसपास की जगह को साफ-सुथरा रखना चाहिए.

एलर्जी को रोकने के लिए अपनाएं ये उपाय-
घर में धूल और गंदगी से कालीन और बिस्तर पर बैक्टीरिया पनपने लगते हैं जो एलर्जी का कारण बनते हैं.

एलर्जी के कारणों की पहचान के लिए एक खास ब्लड टेस्ट होता है, जिसका नाम है कॉम्प्रीहेन्सिव एलर्जी टेस्ट. एक बार एलर्जी का कारण पता चल जाता जाने पर इलाज को शुरू किया जा सकता है.

धूल कणों और बैक्टीरिया से बचाव के लिए घर के अंदर हवा के प्रवाह में सुधार लाएं और रसोईघर, बाथरूम और कमरों को साफ-सुथरा रखें. घर और कालीन की नियमित रूप से सफाई करें.

एलर्जी से पीड़ित लोग खुद को धूल और गंदगी से दूर रखें. अस्थमा और गले की सूजन से पीड़ित लोगों को डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए.

त्वचा की एलर्जी या चकत्ते से पीड़ित लोगों को भी डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.


नोट: ये रिसर्च के दावे पर हैं. See न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता. आप किसी भी सुझाव पर अमल या इलाज शुरू करने से पहले अपने एक्सपर्ट की सलाह जरूर ले लें.

Read More

रूखे, बेजान और दोमुंहे बालों के लिए घरेलू उपचार

December 06, 2017 0

हममें से अधिकतर लोगों के बाल अक्‍सर रूखे और बेजान हो जाते है। यह समस्‍या आमतौर पर धूप में रहने, केमिकल बेस स्टाइलिंग प्रोडक्‍ट, अधिक शैंपू का इस्तेमाल, क्लोरिन मिले पानी में तैरना आदि के कारण होती है। हालांकि बाजार में रूखे और बेजान बालों के लिए कई केमिकल आधारित उपचार उपलब्ध हैं, लेकिन प्राकृतिक उपचारों का सहारा लेना एक अच्छी शुरूआत हो सकती है। इन उत्‍पादों का कोई दुष्‍प्रभाव भी नही होता।

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में आपको बालों की कई तरह की समस्या से दो चार होना पड़ता है। अगर आपको अपनी बिजी लाइफ में इनके लिए समय नहीं मिल पा रहा है, तो आप घर में ही इन रुखे बालों को ठीक करने का उपाय कर सकते हैं। आइए जाने क्या है वे प्राकृतिक घरेलू नुस्खे।


रूखे और दोमुंहे बालों के लिए प्राकृतिक घरेलू उपचार

जैतून का तेल
जैतून का तेल रूखे और दोमुहें बालों के लिए एक उत्कृष्ट उपचार माना जाता है। अपने बालों को अच्छी तरह से धोएं और तौलिये से सुखाएं। थोड़ा सा जैतून का तेल गर्म करें और बालों की जडों और स्केल्प पर लगाएं। करीब आधा घंटे के लिए लगा रहने दें और फिर शैंपू से धो डालें। अपने नियमित कंडीशनर को लगाएं।

अधिक केमिकल से बचें
अपने बालों पर अधिक केमिकल युक्‍त पदार्थों का इस्‍तेमाल न करें। केमिकल युक्‍त पदार्थ आपके बालों से प्राकृतिक नमी को चुरा लेते हैं, जिससे आपके बाल खराब हो जाते हैं। तो आपको चाहिए कि बालों को कलर करते समय विशेष सावधानी बरतें।

शहद का इस्‍तेमाल
शहद और जैतून तेल को समान मात्रा में एक कटोरी में मिला लें। इसे बालों में लगायें और फिर तीस मिनट तक सिर को ढंक लें। इसे शैंपू और कंडीशनर से धो लें। महीने में कम से कम एक बार ऐसा जरूर करें। और अगर आप हर सप्‍ताह ऐसा कर सकें तो और बढि़या।


इसे भी पढ़ें : हेयर पैक जो बनायें बालों को खूबसूरत
रोजाना शैंपू को कहें ना
बेशक, आपको साफ और धुले बाल अच्‍छे लगते हों, लेकिन ऐसा करना आपकी बालों के लिए अच्‍छा नहीं। जब तक आपके सिर की त्‍वचा बहुत ज्‍यादा तैलीय न हो, रोजाना सिर पर शैंपू लगाने से बचें। सप्‍ताह में दो तीन बार शैंपू लगाना ही काफी है। बाकी दिन आप सिर को केवल पानी से धोकर कंडीशनर लगा लें। जब भी आप शैंपू का इस्‍तेमाल करें इसे अपने स्‍कैल्‍प पर ज्‍यादा न रगड़ें। झाग आपके बालों में बननी चाहिए ना कि सिर की त्‍वचा पर।

बालों के लिए आहार
आपके बालों को हेल्‍थी फैट की जरूरत होती है। तो इसके लिए जरूरी है कि आप खूब अवाकाडो, सालमन मछली और ऑलिव ऑयल का सेवन करें। ये आहार जरूरी फैटी एसिड से भरपूर होते हैं, जो सिर की रूखी त्‍वचा को प्राकृतिक तेलों से पोषित करते हैं। कभी भी भूखे न रहें, ऐसा करके आप अपने बालों को जरूरी पोषक तत्‍वों से महरूम कर सकते हैं।
Read More

27 Oct 2017

हरी सब्जी खाने से ब्रेन स्ट्रोक का खतरा होगा कम'

October 27, 2017 0
 लखनऊ
एक स्टडी के मुताबिक शरीर में विटमिन बी-12 और फॉलिक ऐसिड की कमी से ब्रेन स्ट्रोक का खतरा रहता है। इससे बचने के लिए लोगों को हरी सब्जी और दूध-दही का सेवन करना चाहिए। यह जानकारी पीजीआई के न्यूरॉलजी मेडिसिन विभाग के एचओडी डॉ. सुनील प्रधान ने दी। 29 अक्टूबर रविवार को वर्ल्ड ब्रेन स्ट्रोक डे है। इस मौके पर हुई प्रेस वार्ता के दौरान न्यूरॉलजी विभाग के डॉ. वी के पालिवार ने बताया कि ठंड के मौसम में बीपी और शुगर के मरीजों को सावधान रहना चाहिए क्योंकि ठंड में बीपी बढ़ने पर ब्रेन स्ट्रोक का खतरा रहता है। इससे बचने के लिए मरीजों को ठंड में नियमित रूप से बीपी की दवा लेनी चाहिए और डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए।

न्यूरॉलजी विभाग की डॉ. विनिता ने बताया कि पीजीआई में इमरजेंसी में रोजाना लगभग 5 मरीज ब्रेन स्ट्रोक के आते हैं लेकिन इसमें से एक भी मरीज गोल्डन आवर में नहीं आता है। गोल्डन आवर का मतलब होता है कि लकवा मारने के बाद एक घंटे में मरीज को अस्पताल में पहुंच जाना चाहिए, जिससे डॉक्टर समय पर सीटी स्कैन करवाकर उसका इलाज शुरू कर सकें। डॉ विनिता ने बताया कि ब्रेन स्ट्रोक के मरीज को ऐसे अस्पताल में लेकर जाएं, जहां सीटी स्कैन की सुविधा हो क्योंकि मरीज की सबसे पहले सीटी स्कैन जांच की जाती है। रिपोर्ट के आधार पर ही आगे का इलाज तय होता है।

सर्दियों में दिल के मरीज रखें अपना ख्याल 
बेढंगी जीवनशैली व खानपान में तब्दीली की वजह से दिल की बीमारी के मरीज बढ़ रहे हैं। ऐसे में जीवनशैली में सुधार कर दिल की बीमारियों पर काफी हद तक काबू पाया जा सकता है। सर्दियों में दिल के मरीजों को अधिक सचेत रहना चाहिए। यह सलाह पीजीआई कार्डियॉलजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. पी के गोयल ने दी। उन्होंने बताया कि सर्दियों में दिल को खून पहुंचाने वाली नलिकाएं सिकुड़ जाती हैं। इससे दिल को पर्याप्त खून नहीं मिल पाता है जिससे तमाम तरह की परेशानियां हो सकती हैं। नसों में रुकावट को दूर करने के लिए ऐंजियोप्लासटी की जाती है जो शरीर की प्राकृतिक क्षमता जैसे रक्त के प्रवाह को बेहतर करता है।

कॉस्मेटिक्स से दूर रहें गर्भवती स्त्री
गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को कॉस्मेटिक प्रॉडक्ट्स का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। ज्यादा कॉस्मेटिक के इस्तेमाल से होने वाले बच्चे के पैर टेढ़े होने का खतरा रहता है। यह चौंकाने वाला तत्थ केजीएमयू बाल अस्थि रोग के विभागाध्यक्ष डॉ अजय सिंह के शोध में सामने आया है। डॉ अजय ने बताया कि विभाग में हर महीने 180 से 200 बच्चे पैर टेढ़े होने की समस्या के साथ आ रहे हैं। इनकी उम्र 1 माह से 2 साल के बीच है। इनमें से 18 बच्चों और उनकी मां का ब्लड सैंपल लिया गया था जिसमें हेवी मेटल और जीन्स की जांच करवाई गई थी। इस रिपोर्ट में लेड और कैडमियम मेटल की मात्रा सामान्य से 8 गुना ज्यादा पायी गई। कॉस्मेटिक प्रॉडक्ट्स और प्लास्टिक के खिलौने में लेड ज्यादा पाया जाता है। इसके अलावा गाड़ी से निकलने वाले धुएं में भी लेड होता है, जो वातावरण को दूषित करता है।
Read More

26 Oct 2017

गुर्जर आरक्षण के लिए राजस्थान विधानसभा में बिल पास?

October 26, 2017 0
राजस्थान विधानसभा में गुरुवार को ओबीसी (अन्य पिछड़ा जाति वर्ग) आरक्षण संशोधन बिल पास कर दिया गया. इस बिल में ओबीसी आरक्षण 21 फीसदी से बढ़ाकर 26 फीसदी किया गया है. ये व्यवस्था गुर्जरों को पांच फीसदी आरक्षण देने के लिए की गई है.
बुधवार को ही पिछड़ा वर्ग नौकरियों और शैक्षणिक संस्थाओं में आरक्षण विधेयक, 2017 विधानसभा में पेश किया गया था. जिस पर गुरुवार को बहस हुई और इसे पास कर दिया गया.
दरअसल, गुर्जरों के 5 फीसदी आरक्षण के लिए लंबे वक्त से राजस्थान में खींचतान चल रही है. यही व्यवस्था करने के लिए बुधवार को चौथी बार सदन में आरक्षण संबंधी संसोधन बिल पेश किया गया.
राजस्थान HC ने दिया था अवमानना का नोटिस
राजस्थान विधानसभा में बुधवार को जब ये बिल पेश किया गया तो हाई कोर्ट ने सरकार को फटकार लगाई. कोर्ट ने चीफ सेक्रेटरी को इस बाबत अवमानना नोटिस भी भेजा. कोर्ट ने सरकार को बताया कि पहले वो प्रदेश में ओबीसी का क्वांटिफाइड डाटा पेश करे, उसके बाद आगे की कार्यवाही करे. हालांकि, सरकार ने कोर्ट के अवमानना आदेश की अवहेलना करते हुए बिल पास कर दिया.
कोर्ट ने ये भी टिप्पणी की थी कि 1993 के बाद अब तक सरकार ने ओबीसी का क्वांटिफाइड डाटा पेश नहीं किया है. बल्कि ये क्वांटिफाइड डाटा पेश किए बगैर ही सरकार ने धौलपुर और भरतपुर के जाटों को ओबीसी में शामिल कर लिया. कोर्ट ने कहा था कि सरकार अब ओबीसी आरक्षण को 21 प्रतिशत से बढ़ाकर 26 प्रतिशत करने जा रही है. ऐसे में  प्रदेश में आरक्षित जातियों का दोबारा क्वांटिफाइड डाटा बनाए बिना सरकार अपनी मनमानी कर रही है. कोर्ट ने इसे अपने पूर्ववर्ती यानी 10 अगस्त 2015 के आदेश की अवमानना माना है.
बता दें कि गुर्जरों को 5 फीसदी आरक्षण देने से कोटे की कुल सीमा यानी  50 फीसदी से ज्यादा हो जाता है. यही वजह है कि कोर्ट पहले भी सरकार की कोशिशों को झटका दे चुका है.
सरकार का पक्ष
हालांकि, आरक्षण की सीमा 50 फीसदी से पार होने पर सरकार ने नया तर्क दिया है. सरकार का कहना है कि वह नोटिफिकेशन से आरक्षण की व्यवस्था कर रही है. सरकार का ये भी कहना है कि साल 1994 में जातियों की संख्या 54 थीं, मगर अब 91 जातियां हो गई हैं, इसलिए जिस अनुपात में जातियां और जनसंख्या बढ़ी है उस अनुपात में आरक्षण देने की जरुरत है. सरकार का कहना है कि साल 1931 की जनसंख्या के आधार पर राजस्थान में कुल 49 फीसदी आरक्षण है जिसे अब बढ़ाने की जरुरत है.
Read More

16 Oct 2017

ये 6 चीजें शरीर की कमजोरी को करना है दूर तो रोजाना खाएं

October 16, 2017 0

आजकल गलत खान-पान और जरूरी पोषक तत्वों की कमी के कारण लोगों में कमजोरी की समस्या आम होती जा रही है। शरीर में कमजोरी होने पर आपको उल्टी, दस्त, चक्कर आना, थकावट और पेट दर्द जैसी समस्याएं होने लगती है। इसकी बजाएं अगर आप खान-पान ठीक से करें तो यह समस्यां दूर हो सकती है। आज हम आपको कमजोरी दूर करने के कुछ आयुर्वेदिक तरीके बताएंगे जिससे आपको कोई नुकसान भी नहीं होगा।
 
1. टमाटर का सूप
रोजाना सुबह टमाटर का सूप पीने से आपको दिन भर भूख लगती है। इसके अलावा इससे आपके शरीर में खून की कमी भी पूरी हो जाती है।
PunjabKesari
2. नमक का पानी
थोड़े से नमक को पानी में उबाल कर मांसपेशियों की मालिश करें। इससे आपकी मांसपेशियों का दर्द और अकड़न मिनटों में ठीक हो जाएगी और कमजोरी भी दूर होगी।
PunjabKesari
3. खजूर
रोजाना खूजर का सेवन करने से कुछ ही समय में आपकी कमजोरी की समस्या दूर हो जाएगी। शरीर में एनर्जी बनाने के लिए रोजाना कम से कम 10 खजूर का सेवन करें।
PunjabKesari
4. अलसी के बीज
रोजाना दूध के साथ अलसी के बीजों का सेवन आपकी कमजोरी को जल्दी खत्म करता है। इसके अलावा यह आपको कई बीमारियों से दूर भी रखता है।
PunjabKesari
5. कॉफी का सेवन
खाना खाने के बाद रोजाना कॉफी का सेवन जरूर करें। इससे कुछ ही महीनों में आपकी कमजोरी की समस्या दूर हो जाएगी।
PunjabKesari
6. जिनसेंग की जड़
प्राकृतिक औषधि मानी जाने वाली जिनसेंग की जड़ का सेवन करने से आपकी कमजोरी कुछ ही महीनों में छूमंतर हो जाएगी। यह सीधा आपकी मांसपेशियों पर असर करके कमजोरी को दूर करती है।
PunjabKesari
Read More

गंभीर बीमारी के शिकार जल्द बदल लें एेसी अादतें, वर्ना हाे सकते हैं

October 16, 2017 0


स्मार्टफाेन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया है। इसके बिना शायद एक दिन भी गुजार पाना मुश्किल है, क्याेंकि ज्यादातर लाेग इसके अादी हाे चुके हैं। इसलिए किचन हाे या फिर टॉयलेट हर जगह इसे अपने साथ ही रखते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हद से ज्यादा फाेन का इस्तेमाल करके आप कई घातक बीमारियों को न्याैता दे रहे हैं। Microbiologist Professor Sally Bloomfield की एक रिपाेर्ट के मुताबिक अगर आप स्वस्थ्य रहना चाहते हैं, तो अपनी इन 5 आदतों काे तुरंत बदल लें।

जानिए काैन सी हैं ये 5 अादतेंः-

- वॉशरूम में माेबाइल का इस्तेमाल 
टॉयलेट में बैठने से लेकर हैंड वॉश करने तक के बीच में माेबाइल का इस्तेमाल करना खतरनाक हो सकता है। एेसा इसलिए कि टॉयलेट सीट, नल, हैंडल्स और सिंक में E. coli नामक कीटाणु पाए जाते हैं, जिससे UTI (Urinary Tract Infections) और आंतों से संबंधित गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसके परिणामस्वरूप आप डायरिया और श्वास संबंधी बीमारी से ग्रसित हो सकते हैं।

- हैंडबैग साफ न करना
पर्स लगातार हमारे टच में रहता हैं, जिसके कारण इसमें Norovirus, MRSA और E. coli नामक ख़तरनाक कीटाणु पाए जाते हैं। इससे बचने के लिए अपने बैग काे राेजाना एंटीबायोटिक क्लॉथ से अंदर और बाहर दोनों तरफ से साफ करें।

- दरवाज़े पर उतार जूते
इसलिए कमरे के अंदर प्रवेश करने से पहले जूतों को बाहर ही उतार देना चाहिए, साथ ही ट्रैवल करते वक़्त जूतों को किसी कपड़े में लपेट कर बैग में रखना चाहिए। एेसा इसलिए कि जूतों में C.diff नाम का कीटाणु पाया जाता है, जो कई घातक बीमारी को जन्म देता है। 
PunjabKesari
- गंदा रिमोट
रिमोट घर के किसी भी हिस्से में पड़ा रहता है, इसलिए इसमें E. coli सहित कई कीटाणुओं के होने की संभावना होती है। जरूरी है कि रिमाेट का इस्तेमाल करने से पहले इसे अच्छी तरह से साफ कर लें।

- स्पंज को ठीक से साफ करें 
बर्तनों की साफ-सफाई के लिए स्पंज बेहद उपयोगी है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके कारण कई सूक्ष्म जीवाणुओं का जन्म होता है। इससे बचने के लिए हर महीने स्पंज काे बदल देना चाहिए। इसके साथ ही इस्तेमाल करने से पहले इसे गर्म पानी से साफ कर लेना चाहिए।
Read More

खजूर कब्ज और बढ़े हुए पेट को कम करने में मददगार है

October 16, 2017 0

खजूर एक ऐसा फल है जो सर्दी-गर्मी दोनों मौसम में पाया जाता है। ज्यादातर लोग सर्दी के मौसम में इसका सेवन करते हैं। खजूर स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद होती है। इसमें काफी मात्रा में विटामिन्स, मिनरल्स, कैल्शियम और आयरन तत्व होते हैं जो शरीर को कई तरीकों से फायदा पहुंचाते हैं। आइए जानिए खजूर खाने के फायदों के बारे में

1. कब्ज
कई लोगों को कब्ज की समस्या होती है। इससे पेट सही तरीके से साफ नहीं होता और पेट में दर्द भी होने लगती है। ऐसे में खजूर का सेवन बहुत फायदेमंद रहता है। इसमें मौजूद फाइबर कब्ज की समस्या को दूर करके पेट साफ करता है।
PunjabKesari
2. झड़ते बाल
मौसम बदलने के साथ ही महिलाओं के बाल झड़ने लगते हैं। इसके लिए वे कई कैमिकल युक्त शैम्पू का इस्तेमाल करती हैं जिससे कोई फर्क नहीं पड़ता। ऐसे में रोजाना खजूर का सेवन करें जिससे स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन तेज होगा और बालों का झड़ना भी बंद होगा।
PunjabKesari
3. पेट की चर्बी
ज्यादा खाने की वजह से शरीर मोटापे का शिकार हो जाता है। ऐसे में दिन में एक बार खजूर जरूर खाएं जिससे सारा दिन भूख कम लगेगी और पेट की चर्बी भी कम होगी।
PunjabKesari
4. एनर्जी बनाए
खजूर में कई पोषक तत्व पाए जाते हैं जो शरीर में एनर्जी बनाए रखते हैं। ऐसे में जब भी शरीर में थकान महसूस हो तो खजूर का सेवन करें।
5. हैल्दी स्किन
खजूर में मौजूद विटामिन सी और डी त्वचा संबंधी कई समस्याओं को दूर करता है। रोजाना खजूर का सेवन करने से झुर्रियों नहीं पड़ती और त्वचा में लचीलापन बना रहता है।
Read More

मिलावट का मायाजाल यूं रहें सतर्क

October 16, 2017 0
दिवाली के समय मिठाइयां बनाने से लेकर घर में बनने वाली गुजिया व हलवा आदि में मावे की बहुत जरूरत होती है। मावे और दूध की बढ़ी मांग को पूरा करने और अधिक मुनाफा कमाने के चक्कर में इसमें मिलावट की जाती है। मिलावटी मावे के सेवन से स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याएं हो सकती हैं। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें कि कैसे होती है मावे में मिलावट और किस तरह आप बड़ी आसानी से कर सकते हैं नकली मावे या मिठाई की पहचान...

मावे में अक्सर स्टार्च, आटा आदि की मिलावट की जाती है। स्टार्च काफी सस्ता होता है और इसे मिलाने से मावे की मात्रा बढ़ जाती है।

- मिलावटी मावे की पहचान के लिए थोड़ा-सा मावा लेकर उसे किसी बर्तन में रखकर उसमें थोड़ा-सा पानी डालकर गर्म करें।
- गर्म होने के बाद उसमें टिंचर आयोडीन की कुछ बूंदे डालें।
- अगर खोवे में स्टार्च मिला होगा तो उसका रंग तुरंत नीला हो जाएगा, जबकि असली मावे का रंग पहले जैसा ही रहेगा।
- इसी तरीके से मिलावटी मावे से बनी मिठाई की भी जांच घर पर की जा सकती है।
- हथेली पर मावा की गोली बनाएं, अगर यह फटने लग जाए तो समझिए मावा नकली है।
- असली मावा चिपचिपा नहीं होता।
- चखकर भी असली मावे की पहचान की जा सकती है। अगर मावे का स्वाद कसैला है तो मावा नकली हो सकता है।
विशेषज्ञों की मानें, तो एक किलो दूध से सिर्फ 200 ग्राम मावा ही निकलता है। जाहिर है इससे मावा बनाने वालों और व्यापारियों को ज्यादा फायदा नहीं हो पाता। लिहाजा मिलावटी मावा बनाया जाता है। मिलावटी मावा बनाने में अक्सर शकरकंदी, सिंघाड़े का आटा, आलू और मैदे का इस्तेमाल होता है।
- नकली मावा बनाने में स्टार्च, आयोडीन और आलू इसलिए मिलाया जाता है ताकि उसका वजन बढ़े।
- वजन बढ़ाने के लिए मावे में आटा भी मिलाया जाता है।
- नकली मावा असली मावा की तरह दिखे इसके लिए इसमें कुछ केमिकल भी मिलाए जाते हैं।
- कुछ दुकानदार दूध के पाउडर में वनस्पति घी मिलाकर मावा तैयार करते हैं।


इसके अलावा रंग बिरंगी मिठाइयों से भी बचकर रहना चाहिए। मिठाइयों में लगने वाला रंग कार्सोजेनिक होता है, जिससे कैंसर जैसी घातक बीमारी भी हो सकती है।  
Read More

26 Sept 2017

सेब के 19 फायदे कैसे खाये सर्दियों मै ??

September 26, 2017 0

  • सेब के कितने फायदे होते हैं इस बात का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि, हर दिन एक सेब खाकर आप डॉक्टर से दूर रह सकते हैं. सेब रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है, हमारे शरीर को स्वस्थ्य रखता है. सेब रेशे वाला फल है इसीलिए इसमें फाइबर प्रचूर मात्रा में पाया जाता है. सेब खाने से पाचन तंत्र अच्छे से काम करता है. आइये जानते हैं कि सेब खाने के क्या-क्या फायदे हैं और इसका किस-किस तरह से उपयोग किया जा सकता है.
  • सेब के फायदे और उपयोग
  • अगर आपके शरीर में खून की कमी हो गई है, तो हर दिन 2-3 सेब खाने से आपके शरीर के खून की कमी दूर हो जाएगी.
  • सेब में मौजूद क्वरसिटिन व्यक्ति की कोशिकओं को नुकसान पहुँचने से बचाता है. इस कारण सेब खाने से कैंसर का खतरा कम हो जाता है.
  • सेब में पाया जाने वाला पेक्टिन, ग्लाक्ट्रोनिक एसिड की कमी पूरा करता है.
  • सेब को छिलके सहित खाने से कब्ज़ नहीं होता है.
  • सेब में फाइबर पाया जाता है जो, हमारे भोजन को आसानी से पचाता है.
  • सेब कोलेस्ट्रोल को कम करता है.
  • सेब का नियमित सेवन करने से वजन कम होता है. और वजन कम होने से आपको दिल की बीमारी, बीपी, सुगर होने का खतरा नहीं रहता है.
  • लाल सेब हमारी इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है.
  • आजकल हम मिलावट युक्त खाना खाते हैं, जिसके कारण हर दिन एक सेब खाना और भी जरूरी हो जाता है. सेब लीवर को मजबूत करता है, और लीवर हमारे शरीर से गंदगी निकालता है.
  • सेब दस्त और कब्ज से बचाता है.
  • सेब हमारे दातों को स्वास्थ्य बनाए रखने में मदद करता है. सेब दांतों से बैक्टीरिया और वायरस को दूर रखता है. और हमारे मुँह में थूक की मात्रा को बढ़ा देता है.
  • सेब गुर्दे में पथरी होने से बचाता है.
  • सेब मस्तिष्क की बिमारियों से बचाता है. अल्जाइमर में भी यह उपयोगी होता है.
  • वर्कआउट करने से पहले सेब खाना चाहिए. यह आपके शरीर के उर्जा के स्तर में वृद्धि करता है.
  • सेब औरतों को ओस्टोप्रोर्सिस से बचाता है क्योंकि यह हड्डियों के घनत्व को बढ़ाता है.
  • सेब आँखों के लिए भी फायदेमंद होता है.
  • नियमित सेब खाने से सौन्दर्य बढ़ता है.
  • डाइटिंग करने वालों को भी सेब का नियमित सेवन करना चाहिए.
  • आपको अपने नाश्ते में सेब को जरुर शामिल करना चाहिए.
Read More

Subscribe